Thursday, February 2, 2012
मारुती स्विफ्ट डिजायरनए रूप व खूबियों के साथ पेश
मारुती स्विफ्ट डिजायरनए रूप व खूबियों के साथ पेश
मारुति सुजुकी ने कल अपनी सेडान कार डिजायर को हैचबैक प्राइस में पेश किया। आपको बता दें कि मारुति ने इस कार को अपग्रेड करने के लिए पूरे 230 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इस कार में पुरानी कार से ज्यादा एडवांस्ड फीचर्स दिए गए हैं। जैसे इसके पेट्रोल वर्जन में ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन विकल्प उपलब्ध होगा। जो पुरानी स्विफ्ट डिजायर में नहीं है। इसके अलावा इसमें यूएसबी स्लॉट, ब्लूटूथ जैसी सुविधाओं को जोड़ा गया है। इस कार को दो नए रंगों में उतारा गया है साथ ही इसके इंजन में बदलाव के कारण इसकी फ्यूल एफिशिएंसी 7-8 प्रतिशत बढ़ गई है। मारुति सुजुकी के मार्केटिंग हेड मयंक के मुताबिक ‘मारुति ने स्विफ्ट डिजायर को बनाने में 550 करोड़ रुपए खर्च किए थे जबकि इसके नए अपग्रेडिड वर्जन पर भी कंपनी ने 230 करोड़ रुपए खर्च किए हैं कुल मिलाकर कंपनी ने स्विफ्ट डिजायर पर 770 करोड़ रुपए खर्च किए हैं’। इसके अलावा कंपनी ने इसकी लंबाई भी थोड़ी घटा दी है जिससे इसपर लगने वाला टैक्स कम हो गया है और इसकी कीमत कम हो गई है।
Wednesday, February 1, 2012
आइपैड २ की तरह होगा नया आकाश
आइपैड २ की तरह होगा नया आकाश
'आकाश' का फंडा शुरू करने वाले मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल छात्रों के लिए दस लाख नए आकाश मंगाने की तैयारी में हैं। इसके लिए बुधवार को सूचना प्रौद्योगिकी व संचार मंत्रालय में एक बैठक बुलाई गई है। आईपैड - 2 की तर्ज पर नए फीचर्स से लैस आकाश के आर्डर का काम आईटी महकमा ही देखेगा। हालांकि किन छात्रों,कॉलेजों को टैबलेट दिया जाना है इसकी सूची मानव संसाधन मंत्रालय ही भेजेगा।
आईआईटी जोधपुर तकनीकी विशेषज्ञता तक सीमित : उच्च स्तर के एक अधिकारी के मुताबिक आकाश के मामले में आईआईटी जोधपुर को पूरी जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन अनुभव के आधार पर मंत्रालय मान रहा है कि मार्केटिंग और करार से जुड़े काम आईआईटी जोधपुर से नहीं हो सकता। लिहाजा उसे तकनीकी विशेषज्ञता में सहयोग देने तक ही सीमित रखा जा रहा है। डेटा विंड कंपनी के साथ करार के खराब अनुभवों को देखते हुए अब नया आर्डर किसे दिया जाए इसकी पड़ताल करने की कमान आईटी महकमे को ही सौंपी जा रही है।
आईआईटी जोधपुर तकनीकी विशेषज्ञता तक सीमित : उच्च स्तर के एक अधिकारी के मुताबिक आकाश के मामले में आईआईटी जोधपुर को पूरी जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन अनुभव के आधार पर मंत्रालय मान रहा है कि मार्केटिंग और करार से जुड़े काम आईआईटी जोधपुर से नहीं हो सकता। लिहाजा उसे तकनीकी विशेषज्ञता में सहयोग देने तक ही सीमित रखा जा रहा है। डेटा विंड कंपनी के साथ करार के खराब अनुभवों को देखते हुए अब नया आर्डर किसे दिया जाए इसकी पड़ताल करने की कमान आईटी महकमे को ही सौंपी जा रही है।
Thursday, January 26, 2012
Monday, January 2, 2012
Saturday, December 17, 2011
Tuesday, November 15, 2011
यह है भोपाल के आस पास के जंगलों में घूमता हुआ बाघ
जिसे पकडकर वन विभाग किसी और घने जंगल में शिफ्ट करना चाहता है
कलियासोत-केरवा डेम क्षेत्र में सक्रिय बाघ के स्वभाव और उसके मूवमेंट की जानकारी लेने के लिए सोमवार को वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ फेडरेशन (डब्ल्यू-डब्ल्यू एफ) की टीम ने केरवा के जंगल का दौरा किया। टीम के सदस्यों का कहना है कि बाघ अपने नेचुरल हैबिटेट में है, उसकी शिफ्टिंग को लेकर सरकार जल्दबाजी न करे। सदस्यों ने कहा कि बाघ के रहने के लिए केरवा का जंगल प्रदेश का सबसे अच्छा क्षेत्र है, इसे संरक्षित किया जाना चाहिए।
जिसे पकडकर वन विभाग किसी और घने जंगल में शिफ्ट करना चाहता है
कलियासोत-केरवा डेम क्षेत्र में सक्रिय बाघ के स्वभाव और उसके मूवमेंट की जानकारी लेने के लिए सोमवार को वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ फेडरेशन (डब्ल्यू-डब्ल्यू एफ) की टीम ने केरवा के जंगल का दौरा किया। टीम के सदस्यों का कहना है कि बाघ अपने नेचुरल हैबिटेट में है, उसकी शिफ्टिंग को लेकर सरकार जल्दबाजी न करे। सदस्यों ने कहा कि बाघ के रहने के लिए केरवा का जंगल प्रदेश का सबसे अच्छा क्षेत्र है, इसे संरक्षित किया जाना चाहिए।
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